वो लड़के भी मुझे याद हैं जो दिल्ली से सटे नौएडा-ग्रेटर नौएडा एक्सप्रेस-वे पर सुबह सुबह निकले थे, काफ़ी ख़ुश थे क्योंकि बहुत लंबे इंतज़ार के बाद उन्हें मिली थी एक सुपरबाइक चलाने के लिए। और शायद यही ख़ुशी और जोश था जिसके चलते इन लड़कों ने कई बेसिक बातें नज़रअंदाज़ कर दीं, जो किसी के लिए भी जानलेवा साबित हो सकती हैं। और किसी भी ग़लती को माफ़ नहीं करने वाली,तीन -साढ़े तीन सेकेंड में 0 से 100 की रफ़्तार पकड़ने वाली सुपरबाइक्स बाइक्स दरअसल क्या पाठ पढ़ाती हैं, वो पढ़ने के लिए दोनों लड़के बच नहीं पाए। एक्स्प्रेसवे के एक मोड़ पर वो बाइक को संतुलित नहीं कर पाए और रफ़्तार इतनी ज़्यादा थी कि कोई गुंजाइश नहीं रही और दोनों ने अपनी जान गंवा दी।
वो लड़का भी याद है जिसके पिताजी आए थे एक बड़ी बाइक के शोरूम में। और अपने अभी अभी लाइसेंस पाए बेटे के लिए एक सुपरबाइक फ़ाइनल कर रहे थे।
और ऐसे सभी मामलों में मुझे हमेशा कमी खलती थी ऐसी मोटरसाइकिलों की जो नए राइडरों, यंगस्टर्स के लिए एक ऐसा विकल्प हो , जो ताक़तवर बाइक्स चलाने का शौक रखने वालों के लिए स्पोर्ट्स बाइक हो और बड़ी बाइक, सुपर स्पोर्ट्स कैटगरी की मोटरसाइकिलों के लिए प्राइमरी स्कूल साबित हो। यानि वो स्पोर्ट्सबाइक जो ख़ूब पावरफ़ुल हो लेकिन इतनी ज़्यादा नहीं कि आम बाइकर्स को उन्हें संभालना मुमकिन ना हो। अब तक हमें जैसे बाइक्स की आदत नहीं उसकी रफ़्तार को हम समझ सकें। कैसे भागती है, कैसे मुड़ती है और कैसे रुकती है। अभी तक हो ये रहा कि भारत में आमतौर पर 100-150 सीसी की बाइक्स बन रही थीं और इंपोर्टेड बाइक्स के मामले में सिर्फ़ उन बाइक्स पर छूट जिनमें 800 सीसी से बड़ा इंजिन लगा हो, नहीं तो इससे छोटी बाइक्स को इंपोर्ट करने पर क़ीमत दुगने से ज़्यादा।
तो ज़रूरत ये थी कि बीच की दूरी या कहें कि वैक्यूम को ख़त्म करने की ज़रूरत है, भारतीय बाइक मार्केट में। सौ और हज़ार के बीच के वैक्यूम को।
ऐसे में हाल में आई दो तीन बाइक्स भारत में बाइकिंग और बाइकर्स को एक नए रास्ते पर ले जा सकती हैं। जिनमें हौंडा की सीबीआर 250 तो है ही, जो आई है 250 सीसी के इंजिन और डेढ़ से पौने दो लाख रु के एक्स शोरूम क़ीमत के साथ, वहीं हाल में आई है नई ह्योसंग की जीटी 650आर, और इसकी क़ीमत पौने पांच लाख रु की है। ह्योसंग आई है भारत कई साल बाद, पहले आई थी 250 सीसी बाइक्स लेकर । तो नई 650 सीसी की स्पोर्ट्स बाइक के पीछे कंपनी को लग रहा था कि बाज़ार बिल्कुल रफ़्तार पकड़ने वाला है। लेकिन यहीं पर एंट्री हो गई है एक बिल्कुल नई बाइक की , जिसका इंतज़ार लंबा हो चुका था। नई कावासाकी निंजा 650। भारत में बजाज के साथ साझेदारी के ज़रिए कावासाकी पहले भी 250 सीसी की निंजा ला चुकी है। और अब इस 650 सीसी की निंजा के साथ ज़रूर हलचल मचाएगी।नई निंजा 650 में लगे 650 सीसी इंजिन से ताक़त मिलती है 72 बीएचपी की और ये अपने सेगमेंट में सबसे नामी स्पोर्ट्सबाइक में से एक है। और भारत में इस बाइक की क़ीमत रखी गई है 4 लाख 57 हज़ार रु। और ये क़ीमत ऐसी है जो बजाज-कावासाकी को ख़ुश और ह्योसंग-हार्ली डेविडसन को नाख़ुश कर सकती है। भले ही साढ़े चार लाख रु की क़ीमत ज़्यादा लग रही हो, लेकिन ग्राहकों और बाइकरों का एक ख़ास तबका है जो इंतज़ार कर रहा है छोटी स्पोर्ट्सबाइक का। और जैसे जैसे ये सेगमेंट बढ़ेगा,यानि छोटी सुपरबाइक्स की संख्या बढ़ेगी , भारतीय मोटरसाइकिलिंग की दुनिया और मैच्योर होगी।
(प्रभात ख़बर में पब्लिश्ड)