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May 10, 2013

Bajaj Discover 100T

चाहे कितनी भी हज़ार सीसी वाली सुपरबाइक्स आ जाएं। 400-600 सीसी की स्पोर्ट्स बाइक्स आ जाएं। भारतीय मोटरसाइकिल मार्केट जहां आमतौर पर हर महीने 7-8 लाख बाइक्स बिकती हैं वहां पर अगर किसी ने राज किया है और करने वाला है तो वो है सौ सीसी सेगमेंट। हालांकि इसे केवल इंजिन की क्षमता से इसे नहीं समझा जा सकता है। ये दरअसल वैसी मोटरसाइकिलों का सेगमेंट है जो सौ सीसी की रही हैं और इनकी क़ीमत कम रहे। तो एक तरह से एंट्री सेगमेंट और सौ सीसी मोटरसाइकिलों को एक ही माना जाता रहा है। और जब पैमाना कम क़ीमत हो तो कई बार प्रोडक्ट केवल पैसा वसूल बन कर रह जाती हैं, क़ीमत को कम रखने के चक्कर में कंपनी की तरफ़ से फ़ीचर्स की लिस्ट बिल्कुल ख़त्म हो जाती थी और लुक की तो बात ही मत कीजिए, और ये चल भी जाता था। लेकिन हाल के सालों में ये ट्रेंड बदला है, ग्राहक पैसा वसूल सवारी भी थोड़ा अपटूडेट चाहते हैं। स्टाइल की थोड़ी छौंक चाहते हैं और कंपनी से थोड़े फ़ीचर्स की उम्मीद भी होती है। हाल के कई प्रोडक्ट ऐसे ही मापदंड पर बनते दिखाई दे रहे हैं। हरेक बाइक निर्माता अपनी ओर से कोशिश कर रहा है सबसे बड़े मोटरसाइकिल सेगमेंट में अपने प्रोडक्ट को ज़्यादा बेहतर पैकेज बनाने की। और अगर कहें कि ग्राहकों को इससे फ़ायदा ही हो रहा है तो ग़लत नहीं होगा। हाल में इस सेगमेंट में काफ़ी हलचल देखी जब पहली बार हीरो से गठजोड़ टूटने के बाद हौंडा ने अपने बूते इस सेगमेंट की बाइक ड्रीम युगा उतारी, सुज़ुकी ने भी अपनी हायाते उतारी थी। और ऐसे में बाकी पुराने खिलाड़ी तो पीछे रहेंगे नहीं। इन सब गतिविधियों को देखकर बजाज ने भी अपनी कोशिश तेज़ कर दी है। इसी सिलसिले में आई है नई बजाज डिस्कवर 100टी। सौ सीसी की मोटरसाइकिल जो दावा कर रही है कि इसकी माइलेज तो सौ सीसी वाली होगी और ताक़त सवा सौ सीसी वाली। तो एक तीर से कई निशाने लगाने की कोशिश है बजाज की। यानि कंपनी ने अपनी पिछली कोशिश को बिल्कुल उलट कर अपने ग्राहकों को फिर आकर्षित करने की कोशिश की है। आपको याद होगा कि कंपनी ने एक सवा सौ सीसी मोटरसाइकिल एक्सीड उतारी थी। जिसके साथ कंपनी का दावा था कि वो सवा सौ सीसी की ताकत तो देगी ही, फ़ीचर्स तो देगी ही, साथ में सौ सीसी वाला माइलेज भी। अपने ख़ास इंजिन के सहारे कंपनी को उम्मीद थी कि वो हीरो की सत्ता पलट देगी। लेकिन वैसा हुआ नहीं था। इस बार दूसरी तरफ़ से आक्रमण किया है बजाज ने। देखते हैं ग्राहक 51 हज़ार रू की एक्स शोरूम क़ीमत वाली इस बाइक को कैसे देखते हैं। हालांकि कंपनी के हिसाब से इसमें वो सब मसाला है जो किसी भी फ़िल्म को हिट कर सकता है। 10 बीएचपी की ताक़त , 5 स्पीड गियरबॉक्स । यही नहीं कंपनी का दावा है 87 किमीप्रतिलीटर की माइलेज का। अब ये सब पैकेज ऐसा है जो ग्राहकों को पसंद आ सकता है, लेकिन कितना ये फिलहाल पता नहीं। वैसे ये तो तय है कि बजाज अपनी तरफ़ से पूरी ताक़त ज़रूर लगा रही है इस मोटरसाइकिल पर। और हो भी क्यों नहीं, कंपनी बड़ी मोटरसाइकिल सेगमेंट में तो बेस्टसेलर है लेकिन सौ सीसी सेगमेंट में कंपनी ऊपर नीचे जाती रही है। कभी प्लैटिना और डिस्कवर 100 ने अच्छी बिक्री देखी कभी फीकी रही, लेकिन ये साफ़ है कि बजाज को अब अगर अपनी पोज़ीशन संभालनी है, आगे जाना है तो फिर सौ सीसी सेगमेंट में ऐसा प्रोडक्ट ज़रूर चाहिए जो लंबे वक्त तक बढ़िया प्रदर्शन करे।
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November 20, 2011

Bajaj Boxer


उलझन तब होती है जब पैमाने बदलने पड़ते हैं। वो पैमाने जो हर हफ़्ते आने वाली कार या मोटरसाइकिलों को परखने के लिए इस्तेमाल होते हैं। कभी ताक़त की बात हो सकती है, तो कभी माइलेज और हैंडलिंग की। लेकिन हाल फ़िलहाल में सवारियों में फ़ीचर्स, पर्फोर्मेंस और रिफ़ाइनमेंट का ऐसा स्टैंडर्ड देखने को मिल रहा है, कि सभी सवारियों को एक ख़ास खाके में रखा जा सकता है, एक ही इंची-टेप से मापा जा सकता है । लेकिन ये बाइक ऐसी है जो आज कल की औसत प्रोडक्ट से बहुत अलग है। स्टाइलिंग पुरानी, फ़ीचर्स की लिस्ट छोटी और बनावट बहुत मोटी। बजाज की नई बॉक्सर। जो आई है पांच छह साल पुराने डिज़ाइन वाले हेडलैंप, चौड़ी सीटिंग, काम के बहुत थोड़े फ़ीचर्स के साथ । सीट के पीछे कैरियर । इसे देखकर एक सेकेंड के लिए राजदूत की याद आ गई । इसे लेकर सबसे बड़ा सरप्राइज़ तो यही है कि बजाज जो डेढ़ सौ सीसी के इलाक़े में पल्सर जैसी ट्रेंडी बाइक बनाती है वो ऐसी बाइक क्यों लेकर आई ?
.हर कंपनी के पास कुछ ऐसे प्रोडक्ट होते हैं दो फ़्लैगशिप प्रोडक्ट होते हैं। यानि ग्लैमरस, ख़ूबसूरत और नामी प्रोडक्ट जिसके बारे में चर्चा होती है और कंपनी का नाम होता है। वहीं कुछ ऐसी सवारियां होती हैं जो कंपनी की बिक्री के लिए बहुत ज़रूरी होती है , जो भले ही ग्लैमरस ना हों । और भले ही एक्सीड जैसी कोशिश फ़्लॉप रहे हैं लेकिन राजीव बजाज की ख़ूबी रही है कि वो आमतौर पर कुछ ना कुछ नया सोचते रहते हैं। और इसी सोच का नतीजा लग रही है बॉक्सर । 
इस बाइक को लेकर सभी बहस एक प्वाइंट पर आकर रुक से जाते हैं। वो प्वाइंट है इसकी क़ीमत। बजाज बॉक्सर जो डेढ़ सौ सीसी की एक बाइक है , उसकी क़ीमत है 42 हज़ार रु। दरअसल इसे देखने के लिए नज़र भी अलग चाहिए और यही क़ीमत इस बाइक को देखने के नज़रिए को बदल देती है।  


150 सीसी बाइक, जिसकी ताक़त लगभग 12 बीएचपी की और टॉर्क भी लगभग इतना ही। फ़िलहाल माइलेज का दावा है कि वो 55 से 60 किमी प्रतिलीटर है। इसकी राइड के बारे में, पर्फोर्मेंस के बारे में बहुत कुछ कहने के लिए नहीं, क्योंकि आमतौर पर बजाज की डेढ़ सौ सीसी पल्सर वाली तेज़ी या पकड़ नहीं दिखेगी, ठोस राइड है। 
कंपनी ने बॉक्सर के लिए कई विशेषण रखे हैं, जैसे दो पहियों पर एसयूवी और असल 'भारत बाइक' । इन सबका मतलब यही है कि इस मोटरसाइकिल का बाज़ार हैं उन जगहों पर जहां पर आम सड़क हैं टूटी-फूटी। उन ग्राहकों के बीच, जो मोटरसाइकिल का इस्तेमाल कॉलेज-ऑफिस के लिए ना करके, अपने काम के लिए करते हैं, यानि सामान लाने-ले जाने के लिए । और 42 हज़ार रू की क़ीमत बहुत ही आकर्षक कही जाएगी, इस बाज़ार और उस ग्राहक के लिए। जिस ग्राहक को बस काम से काम है, लाइफ़स्टाइल बाइकिंग से उसका कोई वास्ता नहीं है। 
हालांकि कुछ सालों पहले इस तरह की बाइक शहरों में दिखती थीं, लेकिन अब हर सेगमेंट के ग्राहक, यहां तक की सौ सीसी के ग्राहक भी थोड़े बहुत स्टाइल की उम्मीद करते हैं कंपनी से। तो ऐसे में बॉक्सर का लुक वाकई काफ़ी बेसिक है। क़ीमत को कम रखना वाकई बड़ी चुनौती है लेकिन अगर स्टाइल के मामले में ये थोड़ी और आकर्षक होती तो हो सकता है कि डेढ़ सौ सीसी की बॉक्सर आते ही सौ सीसी मोटरसाइकिलों का भी पसीना छुड़ा देती ।