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July 03, 2014

लाख रुपए माइनस !!!!!


अब ये एक बड़ी ख़बर है उन नौजवानों के लिए जो हैं थोड़ा हटके वाले सेगमेंट में। मोटरसाइकिलों के प्रेमी जो शौक़ीन भी हैं और जिन्हें बड़ी मोटरसाइकिलों का शौक़ है। उनके लिए ख़बर आकर्षक ही है क्योंकि अब २५० सीसी सेगमेंट की मोटरसाइकिलों में एक नई हलचल देखने को मिली है। और ये हलचल है उसी मोटरसाइकिल से जुड़ी जिसे हाल में मैंने चलाया था और आप सभी को जिसके बारे में बताया था। ये है सुज़ुकी की इनाज़ूमा । जिसके बारे में एक ही मुद्दा मुझे खटक रहा था और वो थी इसकी क़ीमत। तो सुज़ुकी ने लगता है सुनी और समझी है वो बात और कंपनी ने अपनी इनाज़ूमा की क़ीमत सीधे एक लाख रु कम कर दिया है। सोचिए एक लाख। जो मोटरसाइकिल साल की शुरूआत में ३ लाख १० हज़ार के आसपास उतारी गई थी उसे अब कंपनी ने २ लाख १० हज़ार के लगभग कर दिया है। और इस नए क़दम से अचानक मार्केट में कई समीकरण बदल सकते हैं। 
कंपनी ने देखा था कि शुरूआती महीनों में इनाज़ूमा को लेकर ज़्यादा गर्मजोशी नहीं थी और कंपनी को बिक्री नहीं मिल रही थी। उसकी सबसे बड़ी वजह उसकी क़ीमत ही थी तो कंपनी ने अपनी रणनीति बदली है। इस सेगमेंट में, जिसमें ज़रूरी नहीं कि केवल २५० सीसी इंजिन हों क़ीमत के हिसाब से भी, जिस तरीके से प्रोडक्ट आ रहे हैं और जितने विकल्प बढ़ रहे हैं, कंपनी को लगा कि इस कांपिटिशन में देरी करना ख़तरे से ख़ाली नहीं है। हालांकि ऐसा नहीं कि केवल क़ीमत कम करने से ही ग्राहक इसकी ओर आएंगे क्योंकि इससे सस्ती केटीएम ३९० ने सेगमेंट को हिला रखा है। लेकिन ये भी है कि सुज़ुकी की रिफ़ाइनमेंट और शांत राइड ख़ास तरीके के राइडरों के लिए पसंदीदा हो सकती है, और नई क़ीमत से कमसेकम ऐसे ग्राहकों पर सुज़ुकी ध्यान दे सकती है। 

सुज़ुकी मोटरसाइकिल कंपनी भारत में अब तक बहुत अाक्रामक नहीं रही है, कमसेकम जिस तरीके का आक्रामक रुख़ 
बाकी जापानी मोटरसाइकिल कंपनियों का रहा है वैसा नहीं रहा है और इस बार के क़दम से लग रहा है कि सुज़ुकी का मूड थोड़ा बदला है, कंपनी ने फ़ैसला जल्दी लिया है, जो बहुत ज़रूरी था भारत जैसे तेज़ मोटरसाइकिल बाज़ार में। कांपिटिशन को तेज़ी से समझना और तेज़ प्रतिक्रिया बताता है कि आप वाकई तैयार हैं या नहीं हैं। सुज़ुकी ऐसे ही कुछ संकेत दे रही है।


Ctrl+C और Ctrl+V ना करें । कहीं ना कहीं छपी हुई है।